एक व्यक्ति काफी दिनों से परेशान था। जिसके कारण वह काफी चिड़चिड़ा हो गया था और तनाव में रहने लगा था। वह इस बात से काफी परेशान था कि घर के सारे खर्चे उसे ही उठाने पड़ते हैं, पूरे परिवार की जिम्मेदारी सिर्फ उसी के ऊपर है और किसी ना किसी रिश्तेदार का उसके यहाँ आना जाना लगा ही रहता …
Read More »vikkykyt@yahoo.com
अहंकार का परिणाम ????
एक बार एक गाय एक जंगल में घास चरने के लिए चली गई। अँधेरा होने ही वाला था की । उसने एक बाघ को अपनी तरफ आते हुए देखा।वह डर गयी और अपनी जान बचाने के लिए इधर से उधर भागने लगी। वह बाघ भी उसके पीछे उस गाए को पकड़ने के लिए भागा। भागते हुए गाय को सामने एक …
Read More »जीवन की सच्चाई
जीवन में ज्यादा रिश्ते होना जरूरी नहीं है , पर जो रिश्ते हैं उनमें जीवन होना जरूरी है , अच्छे दोस्त उन सितारों की तरह होते हैं जो भले ही रोशनी में दिखाई देते हों , पर हमेशा साथ रहते हैं। ताजुब न कीजिएगा अगर कोई दुश्मन भी आपकी खैरियत पूछ जाए , यह वह दौर है जहां मुलाकात में …
Read More »गणतंत्र दिवस (Republic Day )
आज भारत अपना गणतंत्र दिवस मना रहा है , 26 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाता है ! सबसे पहले मैं आपको बताना चाहती हूं, कि गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है ! इस दिन हमारे देश को अपना संविधान मिला था!26 जनवरी 1950 को सुबह 10:18 पर भारत का संविधान लागू किया गया था। संविधान लागू होने के …
Read More »श्रीकृष्ण – चरित्र (Krishna – Character)
समदर्शिता भगवान श्रीकृष्ण समदर्शी थे, और उनकी समदर्शिता की सीमा में केवल मनुष्य – समाज ही आता हो, सो बात नहीं, पशु – पक्षी, लता – वृक्ष आदि सभी के लिए उसमें स्थान था । उन्होंने गौओं की सेवा कर पशुओं में भी भगवान का वास दिखलाया । कदंब आदि वृक्षों के तले वन में विहार कर, उभ्दिज्ज – जगत …
Read More »अभियंता दिवस विशेष
ब्रिटेन में एक ट्रेन द्रुत गति से दौड़ रही थी। ट्रेन अंग्रेजों से भरी हुई थी। उसी ट्रेन के एक डिब्बे में अंग्रेजों के साथ एक भारतीय भी बैठा हुआ था। डिब्बा अंग्रेजों से खचाखच भरा हुआ था। वे सभी उस भारतीय का मजाक उड़ाते जा रहे थे। कोई कह रहा था, देखो कौन नमूना ट्रेन में बैठ गया। तो …
Read More »आज हिन्दी दिवस* के अवसर पर हिंदी का थोडा़ आनंद लीजिये …. मुस्कुराइए …
हिंदी के मुहावरे, बड़े ही बावरे है, खाने पीने की चीजों से भरे है… कहीं पर फल है तो कहीं आटा-दालें है, कहीं पर मिठाई है, कहीं पर मसाले है , चलो, फलों से ही शुरू कर लेते है, एक एक कर सबके मजे लेते है… आम के आम और गुठलियों के भी दाम मिलते हैं, कभी अंगूर खट्टे हैं, …
Read More »अबू-बिन-अबुल ने बताई थी खुदा को पाने की यह तरकीब
मुस्लिम संत अबू सईद-बिन-अबुल खैर ने एक बार एक जिज्ञासु से प्रश्न किया, ‘हजरत! सुना है कोई महात्मा आकाश में उड़ते हैं, कोई पानी पर चलते हैं, तो कोई एक जगह से दूसरी जगह तक गायब होकर पहुंच जाते हैं, क्या ये वाकई सच है?’ जिज्ञासु के प्रश्न को सुनकर अबू सईद बोले, ‘मेंढक पानी में तैर सकता है, आवासील( …
Read More »पद
अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी। प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी, जाकी अँग-अँग बास समानी। प्रभु जी, तुम घन बन हम मोरा, जैसे चितवत चंद चकोरा। प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती, जाकी जोति बरै दिन राती। प्रभु जी, तुम मोती हम धागा, जैसे सोनहिं मिलत सुहागा। प्रभु जी, तुम स्वामी हम दासा, ऐसी भक्ति करै रैदासा।। ( …
Read More »अगर नहीं पता तो जानें ‘तीन तरह के होते हैं इंसान’
एक दिन स्वामी परमहंसदेव अपने शिष्यों के साथ टहल रहे थे। उन्होंने देखा कि एक जगह मछुआरे जाल फेंककर मछलियां पकड़ रहे हैं। स्वामी जी एक मछुआरे के पास खड़े हो गए और शिष्यों से बोले, ध्यानपूर्वक इस जाल में फंसी मछलियों की गतिविधियों को देखो। शिष्यों ने देखा कि कुछ मछलियां ऐसी हैं, जो जाल में निश्चल पड़ी हैं। …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…