विश्व विख्यात वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के ड्राइवर ने एक बार उनसे से कहा–“सर,मैं इतने वर्षों से आपके साथ हूँ…मैंने हर सेमिनार औऱ मीटिंग में आपके द्वारा दिए गए प्रत्येक भाषण को बहुत ग़ौर से सुना और याद किया है।”आइंस्टीन ये सुनकर बहुत हैरान हुए…कुछ देर तक बहुत गम्भीरता से सोंचने के बाद उन्होंने ड्राइवर से कहा- “ठीक है,अगले आयोजक मुझे …
Read More »vikkykyt@yahoo.com
जटायु और भीष्म पितामह
जब रावण ने जटायु के दोनों पंख काट डाले… तो काल आया और जैसे ही काल आया … तो गीधराज जटायु ने मौत को ललकार कहा, — “खबरदार ! ऐ मृत्यु ! आगे बढ़ने की कोशिश मत करना… मैं मृत्यु को स्वीकार तो करूँगा… लेकिन तू मुझे तब तक नहीं छू सकता… जब तक मैं सीता जी की सुधि प्रभु …
Read More »मन को वश में करना💐💐
जीवन में सफलता और प्रगति के लिए मन का नियंत्रित होना आवश्यक है. बहुत लोगो को लगता है कि मन को जीतना या मन को नियंत्रित करना बहुत ही कठिन कार्य है. लेकिन ऐसा नहीं है. अगर आपके मन में चाह है तो राह भी है. हम जो कुछ देखते है, जो कुछ सुनते है और जो कुछ बोलते है. …
Read More »करीबियों का दिल न तोड़े
एक राजमहल में एक कामवाली और उसका बेटा काम करते थे। एक दिन राजमहल में कामवाली के बेटे को एक हीरा मिला। उसने अपनी माँ को बताया।।।।। कामवाली बड़ी होशियारी से वह हीरा बाहर फेंक देती है। यह कहकर कि यह कांच है हीरा नहीं है। घर जाते वक़्त वह चुपके से उस हीरे को उठा के ले जाती है। …
Read More »बनेंगे बिगड़े काम दिल से बोलो जय श्री राम
राम भक्त हनुमान को महाबली माना गया है, जो अजर अमर है। यह सब जानते है कि हनुमान जी भगवान शंकर का अवतार है। हम्पी में ऋष्यमूक के राम मंदिर के पास स्थित पहाड़ी आज भी मतंग पर्वत के नाम से जानी जाती है। कहते हैं कि मतंग ऋषि के आश्रम में ही हनुमान जी का जन्म हुआ था। भगवान …
Read More »खुश रहने के लिए , जीवन को कैसे जियें ?
दड़बे की मुर्गी !💐 एक शिष्य अपने गुरु के पास पहुंचा और बोला, ” लोगों को खुश रहने के लिए क्या चाहिए?” “तुम्हे क्या लगता है?”, गुरु ने शिष्य से खुद इसका उत्तर देने के लिए कहा. शिष्य एक क्षण के लिए सोचने लगा और बोला, “मुझे लगता है कि अगर किसी की मूलभूत आवश्यकताएं पूरी हो रही हों… खाना-पीना …
Read More »अभिमान अक्ल को खा जाता है🌷
एक घर के मुखिया को यह अभिमान हो गया कि उसके बिना उसके परिवार का काम नहीं चल सकता। उसकी छोटी सी दुकान थी। उससे जो आय होती थी, उसी से उसके परिवार का गुजारा चलता था। चूंकि कमाने वाला वह अकेला ही था इसलिए उसे लगता था कि उसके बगैर कुछ नहीं हो सकता।वह लोगों के सामने डींग हांका …
Read More »अन्न की महिमा
यह एक आम कहावत है जिसका प्रयोग लगभग सभी ने कभी न कभी ज़रूर किया होगा । कहते है कि जैसा अन्न वैसा मन ======================= हम जो कुछ भी खाते है वैसा ही हमारा मन बन जाता है, अन्न चरित्र निर्माण करता है। इसलिए हम क्या खा रहे है। इस बात का सदा ध्यान रखना चाहिए। प्रकृति से हम जो …
Read More »दो मित्रों की कहानी
एक बार दो मित्र साथ-साथ एक रेगिस्तान में चले जा रहे थे। रास्ते में दोनों में कुछ कहासुनी हो गई। बहसबाजी में बात इतनी बढ़ गई की उनमे से एक मित्र ने दूसरे के गाल पर जोर से तमाचा मार दिया। जिस मित्र को तमाचा पड़ा उसे दुःख तो बहुत हुआ किंतु उसने कुछ नहीं कहा वो बस झुका और …
Read More »मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में
मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में .. जो सुख पाऊँ राम भजन में सो सुख नाहिं अमीरी में मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में .. भला बुरा सब का सुन लीजै कर गुजरान गरीबी में मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में .. आखिर यह तन छार मिलेगा कहाँ फिरत मग़रूरी में मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में .. प्रेम नगर …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…