एक महात्मा रास्ते से कहीं जा रहे थे। वह फटे हुए मैले कपड़े पहने हुए थे। सामने से आ रहे राजा के सिपाही बोले, रास्ते से हट जाओ। राजा साहब आ रहे हैं। इतने में राजा साहब आ गए। महात्मा आगे बढ़े और राजा से पूछ बैठे, राजा जिसे चाहे अपने देश से निकाल सकता है, ऐसा है क्या ? …
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हम इसीलिए खो देते हैं शांति
एक हिन्दू सन्यासी अपने शिष्यों के साथ गंगा नदी के तट पर नहाने पहुंचे। उन्होंने देखा कि वहां एक ही परिवार के कुछ लोग आपस में बात करते हुए एक दूसरे पर क्रोधित हो हो रहे थे। सन्यासी यह दृश्य देखकर रहा नहीं गया और उसने तुरंत अपने शिष्यो से पूछा कि क्रोध में लोग एक दूसरे पर चिल्लाते क्यों …
Read More »ऐसे पढ़ेंगे तभी तो होगा याद
बात तब की है जब स्वामी विवेकानंद प्रसिद्ध नहीं हुए थे। उन्हें अच्छी किताबें पढ़ने का बहुत शौक था। एक बार वे देश में ही कहीं प्रवास पर थे। उनके गुरुभाई उन्हें एक बड़े पुस्तकालय से अच्छी-अच्छी किताबें लाकर देते थे। स्वामी जी की पढ़ने की गति बहुत तेज थी। मोटी-मोटी कई किताबें एक ही दिन में पढ़कर अगले दिन …
Read More »जानिए यह है आत्मा की मुक्ति का सच्चा मार्ग
किसी धनी व्यक्ति के घर एक संत भिक्षा लेने के लिए गए। उस व्यक्ति के यहां एक तोता था वो पिंजरे में कैद था। तोता संत को देखकर बहुत खुश हुआ।भिक्षा लेने के बाद जब संत जाने लगे तो तोते ने कहा, ‘हे महात्मा! में इस पिंजरे में काफी दिनों से बंद हूं। जब में अपने साथियों को उड़ते हुए …
Read More »जानिए ज़िंदगी का सबसे बड़ा महत्व जो है हमारे पास
एक गांव में एक विदेशी यात्री आया। उस गांव के बारे में, उसने काफी कुछ सुन रखा था। उसने वहां काफी सुंदर जगह देखी। वहां के लोग विदेशी यात्रियों की काफी कुछ सहायता करते थे, लेकिन हर व्यक्ति पैसे की पीछे भागता था। कोई भी व्यक्ति मनोरंजन के लिए कुछ भी नहीं करते। न ही वो हंसते, न ही लोगों …
Read More »जब तक विश्वास है, प्रगति है, जब विश्वास नहीं दुर्गति शुरू
एक बार प्रभु यीशु को साइमन नाम के एक भक्त ने भोज के लिए आमंत्रित किया। प्रभु यीशु जब उस व्यक्ति के घर पहुंचे तो मैग्दालिन नाम की स्त्री ने उनके पैर पकड़ लिए और उन्हें धोने लगी। मैग्दालिन एक वेश्या थी। नगर में उसके चर्चे आम थे, इसलिए वह लोग उससे घृणा करते थे। साइमन आश्चर्य चकित था कि …
Read More »ये प्रसंग जरूर बदल सकते हैं आपकी निजी जिंदगी
जिंदगी में यूं ही सब कुछ नहीं मिल जाता। इसके लिए आपको कर्म करना पड़ता है। कर्म के लिए आपका एक लक्ष्य होना चाहिए, और आपकी मिलनसारिता का गुण जो आपको नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए काफी है। यहां दो ऐसे ही प्रेरक प्रसंग दिए जा रहे हैं जिनके सार को आप जीवन में उतार कर अपने नाम का …
Read More »ये घृणित चीज है, मत पिया करो
संत तिरुवल्लुवर एक बार अपने शिष्यों के साथ कहीं चले जा रहे थे। रास्ते में आने-जाने वाले लोग उनका अभिवादन कर रहे थे। तभी अचानक,एक शराबी झूमता हुआ उनके सामने आया और तनकर खड़ा हो गया। उसने संत तिरुवल्लुवर से कहा, ‘आप लोगों से यह क्यों कहते हैं कि शराब घृणित चीज है, मत पिया करो। क्या अंगूर खराब होते …
Read More »इंसानियत की कद्र करना इनसे सीखें
एक बार एक नवाब की राजधानी में एक फकीर आया। फकीर की कीर्ति सुनकर पूरे नवाबी ठाठ के साथ भेंट के थाल लिए हुए वह फकीर के पास पहुंचा। तब फकीर कुछ लोगों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने नवाब को बैठने का निर्देश दिया। जब नवाब का नंबर आया तो फकीर ने नवाब की ओर बढ़ा दिया। भेंट के …
Read More »हम सभी के पास है ये अनमोल बल
एक दिन सेवाग्राम में कुछ पहलवान आ पहुंचे और गांधीजी से अपने दो-चार खेल देख लेने का आग्रह करने लगे। गांधीजी ने कहा, ‘एक तो मेरे पास समय नहीं है, दूसरे जो चीज देश के काम नहीं आती, उसे देखने में मेरा मन नहीं लगता। फिर तुम्हें इनाम चाहिए होगा, वह मैं कहां से दूंगा? मेरे पास तुम्हें देने के …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…