झांसी के अंतिम संघर्ष में महारानी की पीठ पर बंधा उनका बेटा दामोदर राव (असली नाम आनंद राव) सबको याद है. रानी की चिता जल जाने के बाद उस बेटे का क्या हुआवो कोई कहानी का किरदार भर नहीं था, 1857 के विद्रोह की सबसे महत्वपूर्ण कहानी को जीने वाला राजकुमार था जिसने उसी गुलाम भारत में जिंदगी काटी, जहां …
Read More »Religion Information
मैं इस_VIP दर्शन का विरोध करता हूं
ना #मस्जिदों में VIP टिकट है, ना #गुरुद्वारा में और ना ही किसी #Church में, वहां #अमीर #गरीब सब एक साथ अपने ईश्वर का पूजा करते है, इसी से उनमें एकता है ,अब आते हैं हमारे हिंदू धर्म में, हाल में ही मेरे मित्र #विश्वनाथजी के मन्दिर गया था बनारस, आज से कुछ वर्ष पहने वहां ना वीआईपी लाइन थी …
Read More »भोजन संस्कृति
हमने कभी वेदों का अध्ययन नही किया,हमने कभी गीता पढ़कर उसे अमल में लाने का प्रयास नही किया,हमने योग विद्या को कभी नही अपनाया,हमने आयुर्वेद में कोई अनुसंधान नही किया,हमने संस्कृत भाषा को कोई महत्व नही दिया ऐसी बहुत सी अच्छी और महत्वपूर्ण चीजें है जो हमारे पूर्वज हमारे बुजुर्ग हमे विरासत में दे गए पर हम पाश्चात्य संस्कृति अपनाने …
Read More »बाजीराव पेशवा
जिस व्यक्ति ने अपनी आयु के 20 वे वर्ष में पेशवाई के सूत्र संभाले हो …40 वर्ष तक के कार्यकाल में 42 युद्ध लड़े हो और सभी जीते हो यानि जो सदा “अपराजेय” रहा हो …जिसके एक युद्ध को अमेरिका जैसा राष्ट्र अपने सैनिकों को पाठ्यक्रम के रूप में पढ़ा रहा हो ..ऐसे ‘परमवीर’ को आप क्या कहेंगे …?आप उसे …
Read More »भगवान श्री राम और केवट संवाद
जब केवट प्रभु के चरण धो चुका, तो भगवान कहते हैं:- भाई, अब तो गंगा पार करा दे।इस पर केवट कहता है – प्रभु, नियम तो आपको पता ही है कि जो पहले आता है उसे पहले पार उतारा जाता है। इसलिए प्रभु अभी थोड़ा और रुकिये। तब भगवान् कहते हैं- भाई, यहाँ तो मेरे सिवा और कोई दिखायी नहीं …
Read More »जय श्री राम और जय हनुमान
एक दिन सुबह सुबह दरवाजे की घंटी बजी । दरवाजा खोला तो देखा एक आकर्षक कद- काठी का व्यक्ति चेहरे पे प्यारी सी मुस्कान लिए खड़ा हैं ।मैंने कहा, “जी कहिए..”तो उसने कहा,अच्छा जी, आप तो रोज़ हमारी ही गुहार लगाते थे,मैंने कहा“माफ कीजिये, भाई साहब ! मैंने पहचाना नहीं, आपको…”तो वह कहने लगे,“भाई साहब, मैं वह हूँ, जिसने तुम्हें …
Read More »अन्यों का विचार करने का महत्व !
बहुत समय पहले की बात है । एक विख्यात गुरुदेव का गुरुकुल हुआ करता था । उस गुरुकुल में बडे-बडे राजा-महाराजाओं के पुत्रों से लेकर साधारण परिवार के पुत्र भी शिक्षा लेते थे । अनेक वर्षोंसे शिक्षा प्राप्त कर रहे कुछ शिष्यों की शिक्षा पूर्ण हो चुकी थी । अब वे सभी बडे उत्साह के साथ अपने अपने घर लौटने …
Read More »नामस्मरण का महत्त्व : भक्त प्रल्हाद
आज हम देवता के नामजप का महत्त्व और उसमें कितनी शक्ति होती है, यह, कथा के माध्यम से जानने का प्रयास करेंगे । जो देवता का नामजप करता है, वह देवता का भक्त हो जाता है । देवता अपनी भक्तों की सदा रक्षा करते हैं । भगवान ने भक्तों को वचन दिया है, ‘न मे भक्त: प्रणश्यती ।’ अर्थात ‘मेरे …
Read More »लक्ष्मणजी की तपस्या प्रभु श्रीरामजी के साथ !
प्रभु श्रीरामजी के तीनों भाई अर्थात् लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न उनकी सेवा करते थे । वे श्रीरामजी को पिता समान मानते थे और उनकी आज्ञा का पालन करते थे । प्रभु श्रीरामजी के साथ लक्ष्मणजी वनवास गए थे । प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण इनमें अगाध प्रेम था । रावण के साथ जब महाभयंकर युद्ध हुआ था, तब लक्ष्मणजी ने रावण …
Read More »प्रेम का स्मारक ताजमहल नहीं यह हैtata-memorial
चित्र में दिखाई गई महिला की फोटो को ज़ूम करके देखेंगे तो उनके गले में पहना हुआ एक बड़ा डायमंड दिखाई देगा ….. यह 254 कैरेट का #जुबलीडायमंड है जो आकार और वजन में विश्व विख्यात #”कोहएनूर” हीरे से दोगुना है … ये महिला #मेहरबाईटाटा हैं जो जमशेदजी टाटा की बहू और उनके बड़े बेटे सर दोराबजी टाटा की पत्नी …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…