वो विधवा थी पर श्रृंगार ऐसा कर के रखती थी कि पूछो मत। बिंदी के सिवाय सब कुछ लगाती थी। पूरी कॉलोनी में उनके चर्चे थे। उनका एक बेटा भी था जो अभी नौंवी कक्षा में था । पति रेलवे में थे उनके गुजर जाने के बाद रेलवे ने उन्हें एक छोटी से नौकरी दे दी थी । उनके जलवे अलग …
Read More »Gyan Ki Baat
भगवान गौतम बुद्ध की अनोखी खेती
एक बार भगवान बुद्ध एक धनी व्यक्ति के घर भिक्षा मांगने गए। धनी व्यक्ति ने कहा, ‘आप भीख क्यों मांगते हैं? भगवन् मुस्कुराए और कहा, ‘खेती ही करता हूं, दिन रात करता हूं और अनाज पैदा करता हूं।’ उस धनी व्यक्ति ने पूछा, ‘यदि तुम खेती करते हो, तो तुम्हारे पास बैल कहां है, अन्न कहां है ?’ भगवान बुद्ध …
Read More »बड़े काम की हैं ये चार बातें
एक साधु थे। उनसे शिक्षा लेने के लिए बहुत से स्त्री पुरुष आते थे। साधु उन्हें बड़ी ही उपयोगी बातें बताया करते थे। एक दिन उन्होंने कहा, ‘तुम लोग चार बातें याद रखो तो जीवन का आनंद ले सकते हो।’ लोगों ने पूछा, ‘स्वामी जी, वे चार बातें क्या हैं ?’ स्वामीजी बोले, पहली बातः तुम जहां भी रहो, अपने को आवश्यक …
Read More »घास-बांस की प्रेरणास्पद कहानी जो देती है सबसे बड़ी सीख
ये कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो एक बिजनेसमैन था लेकिन उसका बिजनेस डूब गया और वो पूरी तरह हताश हो गया। वह अपने जीवन से बुरी तरह थक चुका था। एक दिन परेशान होकर वो जंगल में गया और काफी देर वहां अकेला बैठा रहा। कुछ सोचकर भगवान से बोला – मैं हार चुका हूं, मुझे कोई एक …
Read More »ऐसे की जाती है स्वयं की ब्रांडिंग
हकीम लुकमान ने एक दिन अपने बेटे को पास बुला कर धूपदान की ओर इशारा किया। इशारे को समझ बेटा धूपदान में से एक मुट्ठी चंदन और फिर लुकमान ने दूसरा इशारा किया। इशारा समझ बेटा दूसरे हाथ में चूल्हे में से कोयला ले आया। लुकमान ने फिर इशारा किया कि दोनों को फेंक दो। बेटे ने दोनो को फेंक …
Read More »पितृ पक्ष श्राद्ध
हिन्दू धर्म में मृत्यु के बाद श्राद्ध करना बेहद जरूरी माना जाता है। मान्यतानुसार अगर किसी मनुष्य का विधिपूर्वक श्राद्ध और तर्पण ना किया जाए तो उसे इस लोक से मुक्ति नहीं मिलती और वह भूत के रूप में इस संसार में ही रह जाता है। पितृ पक्ष का महत्त्व (Importance of Pitru Paksha) ब्रह्म वैवर्त पुराण के अनुसार देवताओं को …
Read More »रहीम की विनम्रता का अनोखा उदाहरण
कवि रहीम और कवि गंग गहरे मित्र थे। रहीम गरीबों को बड़े पैमाने पर दान दिया करते थे। वे पंक्ति में खड़े लोगों को जब दान देते थे तो अपनी नजरें नीची कर लेते थे। दान लेने वाले कुछ तो एक बार लेकर फिर दोबारा पंक्ति में लग जाते और फिर से दान ले लेते। गंग कवि को यह बड़ा …
Read More »कैसे मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत हो?
Have you been finding that you cry at the drop of a hat? Get angry unnecessarily? Maybe you just feel nervous all the time. Whatever you may be feeling, you should begin by understanding that experiencing emotions is a normal part of human living. There is nothing inherently “wrong” with any emotion. a. You do not have to eliminate …
Read More »बस चले तो मैं सभी विचारवान व्यक्तियों को सफाई में लगा दूं
महात्मा गांधी की ख्याति न केवल भारत बल्कि संपूर्ण विश्व में है। वह जहां भी जाते थे लोग उनका बहुत स्वागत सत्कार करते थे और यही आलम भारत के विभिन्न शहरों और गांवो में भी था। एक बार पत्रकारों की गोष्ठी में बापू राजनीतिक प्रसंगो पर उत्तर दे रहे थे। उसी समय हास्य-विनोद की मुद्रा में एक पत्रकार ने बापू …
Read More »लोभी मनुष्य को स्वयं की तरह ही दिखाई देते हैं दूसरे लोग
बाबा अनंतराम हर समय लोगों की सेवा में जुटे रहते थे। उनके लाख मना करने पर भी लोग उन्हें खूब चढ़ावा चढ़ाया करते थे। बाबा उसे गरीबों में बांट देते थे। एक दिन एक सेठ ढेर सारे हीरे-मोती उनके चरणों में रखते हुए बोला- बाबा, मेरी ओर से यह भेंट स्वीकार करें। बाबा ने हीरे-मोतियों की ओर देखा तक नहीं …
Read More »
पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…