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महापंडित राहुल सांकृत्यायन का 130 वां जन्मदिन

कल महापंडित राहुल सांकृत्यायन का 130 वां जन्मदिन था…हम उन्हें महा पंडित भले ही कहें पर उनकी विद्वत्ता के कायल इस देश के विश्व विद्यालयों के अलावा पूरी दुनिया के शैक्षणिक संस्थान थे।इतिहास,पुरातत्व और दर्शन को हिंदी में जानने के लिए उनकी किताबें पहली सीढ़ी का काम करती हैं,मैं भी उनकी किताबों के माध्यम से दुनिया से परिचित हुआ था।पर …

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अपने शहर की अपनेपन की मिठास है

मैं तो सुबह से घूम -घूम कर थक गई हूं और कितना घूमना है।रानी ने कहा।अरे, अभी से थक गई हो ये तो कुछ भी नहीं है। ऐसे थकोगी तो बड़े बड़े किलों को कैसे देखोगी।ऐतिहासिक स्थलों को देखने के लिए बहुत चलना पड़ता है और सीढ़ियां भी चढ़नी पड़ती हैं।श्याम ने कहा।फिर भी घूमते हुए बहुत समय हो गया …

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माता पिता के चरणों में स्वर्ग है

आजकल के लड़के नौकरी लगने के तुरंत बाद शादी करके दुलहन को सीधे नौकरी पर ले जाते हैं तथा सारा पढ़ाई का कर्ज , खेती का काम सब झंझट माता पिता के पास छोड़ जाते हैं ।वो सबसे पहले शहर में प्लाट लेने की सोचते हैं तथा माता पिता की ओर कम ध्यान देते हैं जो बहुत दुखदाई है ।फेसबुक …

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मेहनत का स्वाद

मेहनत का स्वादगुरु नानक देव जी अपने शिष्यों के साथ धर्म चर्चा के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान जाया करते थे। इसी क्रम में उन्हें एक गांव और शहर के बीच का स्थान प्राप्त हुआ, जहां विशाल भव्य मंदिर था। गांव और शहर के लोग यहां बड़े-बड़े अनुष्ठान किया करते थे। गुरु नानक देव जी वहां रुके उनके रुकने …

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चार आशीर्वाद

चार आशीर्वादएक बार एक घने जंगल में एक शिकारी शिकार करने पहुंचा| वहां उसे रस्ते में घोड़े पर स्वर एक राजकुमार मिला|शिकारी राजकुमार के साथ चलने लगा|चलते-चलते उन्हें एक साधू मिला| अब वे दोनों साधू के साथ चल दीए| वे चरों जंगल में साथ-साथ जा रहे थे, तभी उन्हें एक कुटिया दिखाई दी|वे चारों चलते-चलते थक गए थे सो विश्राम …

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बासी भोजन का रहस्य

बासी भोजन का रहस्यशहर से दूर प्रकृति की गोद में एक महात्मा का आश्रम था। महात्मा वहां अपने शिष्यों को उनके रुचि के स्तर से शिक्षा दिया करते थे। उनकी शिक्षा से सभी लोग प्रसन्न रहते थे। महात्मा की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई थी , लोग उनसे शास्त्रार्थ करने और उनके प्रवचन सुनने कई दिनों का मार्ग तय करके …

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मासूम बचपन

मासूम बचपनमेरी पोती अपने होने वाले भाई या बहन का बेसब्री से इंतजार कर रही थी, रोज़ मुझसे पूछती…. दादी, छोटू बेबी कब आएगा…. और मैं उससे कहती, जब हम हॉस्पिटल जाएंगे जब, तब वो पूछती…..”. क्या मिलेगा भैया या बहनियां.”….. तब मैं उससे कहती..” भगवान हॉस्पिटल में डॉक्टर आंटी को बेबी दे जाएंगे और वो हमें देंगी तब पता …

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ईमानदार ड्राईवर

रामू एक बहुत ईमानदार और मेहनती युवक था। वह बहुत हंसमुख और मधुर स्वाभाव का व्यक्ति था। एक दिन रामू एक किराने की दुकान पर गया।वहां सिक्का डालने वाला सार्वजनिक फ़ोन लगा था। रामू ने सिक्का डाला और एक नम्बर डायल किया।ट्रिंग-ट्रिंग..ट्रिंग-ट्रिंग…. किसी ने फ़ोन उठाया।रामू बोला, “ हेलो सर… नमस्ते, मैंने सुना था कि आपको एक ड्राईवर की आवश्यकता …

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एक प्राथमिक स्कूल मे अंजलि नाम की एक शिक्षिका

एक प्राथमिक स्कूल मे अंजलि नाम की एक शिक्षिका थीं वह कक्षा 5 की क्लास टीचर थी, उसकी एक आदत थी कि वह कक्षा मे आते ही हमेशा “LOVE YOU ALL” बोला करतीं थी।मगर वह जानती थीं कि वह सच नहीं बोल रही ।वह कक्षा के सभी बच्चों से एक जैसा प्यार नहीं करती थीं।कक्षा में एक ऐसा बच्चा था …

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धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का

एक बार कक्षा दस की हिंदी शिक्षिका अपने छात्र को मुहावरे सिखा रही थी। तभी कक्षा एक मुहावरे पर आ पहुँची “धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का ”, इसका अर्थ किसी भी छात्र को समझ नहीं आ रहा था। इसीलिए अपने छात्र को और अच्छी तरह से समझाने के लिए शिक्षिका ने अपने छात्र को एक कहानी …

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