हिंदी के मुहावरे, बड़े ही बावरे है, खाने पीने की चीजों से भरे है… कहीं पर फल है तो कहीं आटा-दालें है, कहीं पर मिठाई है, कहीं पर मसाले है , चलो, फलों से ही शुरू कर लेते है, एक एक कर सबके मजे लेते है… आम के आम और गुठलियों के भी दाम मिलते हैं, कभी अंगूर खट्टे हैं, …
Read More »Gyan Ganga
अबू-बिन-अबुल ने बताई थी खुदा को पाने की यह तरकीब
मुस्लिम संत अबू सईद-बिन-अबुल खैर ने एक बार एक जिज्ञासु से प्रश्न किया, ‘हजरत! सुना है कोई महात्मा आकाश में उड़ते हैं, कोई पानी पर चलते हैं, तो कोई एक जगह से दूसरी जगह तक गायब होकर पहुंच जाते हैं, क्या ये वाकई सच है?’ जिज्ञासु के प्रश्न को सुनकर अबू सईद बोले, ‘मेंढक पानी में तैर सकता है, आवासील( …
Read More »पद
अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी। प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी, जाकी अँग-अँग बास समानी। प्रभु जी, तुम घन बन हम मोरा, जैसे चितवत चंद चकोरा। प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती, जाकी जोति बरै दिन राती। प्रभु जी, तुम मोती हम धागा, जैसे सोनहिं मिलत सुहागा। प्रभु जी, तुम स्वामी हम दासा, ऐसी भक्ति करै रैदासा।। ( …
Read More »खुश रहने वाले लोग अपने चारो तरफ एक strong support system develop करते हैं:
खुश रहना मनुष्य का जन्मजात स्वाभाव होता है . आखिर एक छोटा बच्चा अक्सर खुश क्यों रहता है ? क्यों हम कहते हैं कि बचपन के दिन जिँदगी के सबसे अच्छे दिन होते हैं ? क्योंकि हम जन्म से खुश होते हैं ; पर जैसे -जैसे हम बड़े होते हैं और धीरे -धीर हमारी खुश रहने की आदत उदास रहने की आदत …
Read More »राजा को क्यों आती थी गांव में दुर्गंध
अवंतिका देश का राजा रवि सिंह महात्मा आशुतोष पर बड़ी ही श्रद्धा रखता था। वह उनसे मिलने रोज कुटिया में जाता था। लेकिन हर बार जब महात्मा को राजा अपने महल में आने के लिए आमंत्रित करता, महात्मा मना कर देते। एक दिन राजा रवि सिंह ने जिद पकड़ ली। तब महात्मा ने कहा, ‘मुझे तुम्हारे महल में दुर्गंध महसूस …
Read More »स्याही से नहीं खून से करो हस्ताक्षर
बात उस समय की है, जब रंगून में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फोज में भर्ती होने के लिए भीड़ लगी हुई थी। नेताजी ने एक मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहां, दोस्तों, आजादी बलिदान चाहती है, तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। भीड़ चिल्ला उठी, नेताजी, आप के एक इशारे पर हम अपना …
Read More »Cute Letter from a newly married girl to her mother
प्रिय माँ, हर सामान्य लड़की की तरह, मैं बचपन के दिनों से ही शादी को लेकर उत्साहित थी। मैंने उस समय से आगे के बारे में कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने राजकुमार के साथ खुशी से बिताऊंगा। लेकिन आज जब मैं शादीशुदा हूं, तो मुझे एहसास है कि शादी सभी गुलाबों की नहीं है। यह आपके …
Read More »ज़िंदगी भर इनके पीछे भागते हैं हम
एक जंगल में एक लोमड़ी रहती थी। अमूमन वह सुबह जल्दी जाग जाती थी, लेकिन उस दिन थोड़ा देर से जागी। लोमड़ी जैसे ही अपने घर से बाहर आई तो उसकी पूंछ सूरज की ओर थी। छाया सामने पड़ रही थी। छाया देखकर लोमड़ी को पहली बार अपने शरीर का स्वरूप पता चला। छाया में उसका रूप बहुत बड़ा दिखाई …
Read More »पहाड़ से मजबूत हौसला : Story of Mountaineer( Arunima Sinha)
11 अप्रेल, 2011 ! राष्ट्रीय स्तर की वालीबॉल खिलाड़ी अरुणिमा सिन्हा, पद्मावती एक्सप्रेस में लखनऊ से दिल्ली जा रही थी| बीच रास्ते में कुछ लुटेरों ने सोने की चेन छिनने का प्रयास किया, जिसमें कामयाब न होने पर उन्होंने अरुणिमा को ट्रेन से नीचे फेंक दिया| पास के ट्रैक पर आ रही दूसरी ट्रेन उनके बाएँ पैर के ऊपर से …
Read More »जानिए गोगा जी के बारे में
गोगाजी का जन्म राजस्थान के ददरेवा (चुरू) चौहान वंश के शासक जैबर (जेवरसिंह) की पत्नी बाछल के गर्भ से गुरु गोरखनाथ के वरदान से भादो सुदी नवमी को हुआ था। चौहान वंश में राजा पृथ्वीराज चौहान के बाद गोगाजी वीर और ख्याति प्राप्त राजा थे। गोगाजी का राज्य सतलुज सें हांसी (हरियाणा) तक था। लोकमान्यता व लोककथाओं के अनुसार गोगाजी …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…