मोहन की रहस्यमय जीवन की रोमांचक यात्रा का अन्वेषण करें, जो एक शांत और रहस्यमय व्यक्ति है। उसके जीवन के जटिलताओं और किए गए गहरे निर्णयों का पर्दाफाश करें। मानव अस्तित्व की गहराईयों में घुमकर देखें, जहां किसी को समझना अनुमानों से परे जाता है,
Read More »Predication
समझ गया साहब
स्टेशन वाले हनुमान जी के दर्शन करवा दो!" उसके इतना कहते ही रिक्शा थोड़ा आगे बढ़ स्टेशन जाने वाली मुख्य सड़क की ओर मुड़ गया।
Read More »खेल तमाशा
राजा का अनुशासनप्रेमी और खिलाड़ी स्वरूप, बहुत संजीवनी नृत्य राजा को कैसे बदल देता है। यह दिलचस्प कहानी जीवन के रंग-बिरंगे पहलुओं को छूने का एक अनूठा पैथ प्रस्तुत करती है, जो राजा और उसकी प्रजा को साथ मिलकर सिखा देती है कि जीवन में खुशियों के लिए स्वतंत्रता और मनोरंजन का महत्व है।
Read More »सपनों का चुनाव
आ गए आपके लाट साहब ?? " डाॅक्टर साहब आते हीं पुछे। वैसे तो डाॅक्टर साहब आठ बजे से पहले नहीं आते थे । आज कहीं बाहर जाना था तो जल् " काॅलेज से तो आ गया है। कहीं बाहर गया है।
Read More »पूर्ण विराम
इतने सालों के बाद मेरे जीवन की मेहनत रंग लायी । आज एवार्ड लेते समय मेरी आँखों से निरन्तर खुशी के आँसू छलक रहे थे । मै कितना भी कोशिश कर रही थी परन्तु रूकने का नाम नही ले रहे थे ।
Read More »निर्धारण जन्म कुंडली
कालसर्प दोष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 18 फरवरी, शनिवार को है। ज्योतिष के अनुसार,जिन लोगों को कालसर्प दोष है,वे यदि इस दिन कुछ विशेष उपाए करें तो इस दोष से होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकती है।* *कालसर्प दोष मुख्य रूप से 12 प्रकार …
Read More »खीरे का रायता
आजकल दही में खीरे का रायता बनाकर प्रयोग करने का बहुत अधिक प्रचलन है लेकिन यह हानिकारक हो सकता है छच्छिका शीतला लघ्वी है जबकि दही उष्ण है
Read More »बिम्बिसार
मात्र 40 करोड़ के बजट में बनी यह तेलगु फ़िल्म वर्ष 2022 में बिना किसी बड़े नाम के रिलीज़ हुई थी,बावजूद इसके मूवी ने बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया था।
Read More »कमी निकालना निंदा करना बुराई करना
चित्रकार ने एक बहुत सुन्दर तस्वीर बनाई और उसे नगर के चौराहे में लगा दिया और नीचे लिख दिया कि जिस किसी को , जहाँ भी इस में कमी नजर आये वह वहाँ निशान लगा दे । जब उसने शाम को तस्वीर देखी उसकी पूरी तस्वीर पर निशानों से ख़राब हो चुकी थी ।
Read More »स्त्रियों को समर्पित
मुझे याद नहीं कि बचपन में कभी सिर्फ इस वजह से स्कूल में देर तक रुकी रही होऊं कि बाहर बारिश हो रही है ना। भीगते हुए ही घर पहुंच जाती थी
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