सर्दियों में हरी सब्जियों के साथ सिंघाड़ा भी आ चुका है। यह केवल स्वाद ही नहीं बल्कि सेहत और स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है।आयुर्वेद के अनुसार सिंघाड़े में भैंस के दूध की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक खनिज लवण और क्षार तत्व पाए जाते हैं। यह ताकतवर और पौष्टिक तत्वों का खजाना है। इसमें तमामऔषधीय गुण पाये जाते …
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आचार्य सुश्रुत शल्य चिकित्सा (सर्जरी) के जनक
शल्य चिकित्सा (सर्जरी) के पितामह और सुश्रुतसंहिता के प्रणेता आचार्य सुश्रुत का जन्म छठी शताब्दी ईसा पूर्व काशी में हुआ था। सुश्रुत का जन्म विश्वामित्र के वंश में हुआ था। इन्होंने धन्वन्तरि से शिक्षा प्राप्त की थी। सुश्रुतसंहिता को भारतीय चिकित्सा पद्धति में विशेष स्थान प्राप्त है। इसमें शल्य चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझाया गया है। शल्य …
Read More »गले में होने वाला कष्टदायक रोग
टॉन्सिलाइटिस गले में टॉन्सिल की समस्या लोगों में आम देखने को मिलती है। इस बीमारी में गले के अंदर दोनों तरफ मांस में गांठ बन जाती है। इसके कारण गले में सूजन, तेज दर्द और बोलने में परेशानी हो जाती है। इसके अलावा इससे खाने का स्वाद भी नहीं पता चलता। इंफेक्शन, बैक्टीरिया, गलत खान-पान या मौसम के बदलाव के …
Read More »कैल्शियम से सम्बंधित जानकारी
जनसामान्य ( और गठिया-रोगियों ) के मन में कैल्शियम को लेकर तमाम भ्रान्तियाँ प्रचलित हैं। हड्डियों और जोड़ों से सम्बन्धित हर रोग को कैल्शियम से जोड़कर देखा जाता है। हर टूटी हड्डी कैल्शियम की कमी की ओर ध्यान आकर्षित करती है और हर सूजा-दुखता जोड़ कैल्शियम खाने से ठीक होने की उम्मीद जगाता है। कैल्शियम के विषय में कुछ बातों …
Read More »घमंड अब चूर चूर हो गया
सूरजभान जी हमेशा अपनी गर्दन अकड़ के चलते थे । जब भी कोई पार्क में मिल जाता तो बस अपने दामाद के गुण गाने लग जाते । देखो मेरे दामाद ने इस बार अमेरिका से ये भिजवाया है । क़सूर इनका भी नही है , जब बिना हाथ पैर मारे इतना अच्छा दामाद मिल जाए , तो लॉटरी से कम …
Read More »ससुर ने बहु को सिखाया सबक
“अरे! बेटी जरा चाय तो बना दो . खाली बैठे चाय की तलब लग आती है .” बहु ने सुना और फिर व्यस्त हो गई मोबाइल पर . समय का पता ही नहीं रहा . ससुर ने देखा तो बाहर से दरवाजा बंद कर पास की दुकान पर चले गए . चाय पी और कुछ देर इधर उधर की बातें …
Read More »मम्मी पापा के संघर्ष की कहानी है,
अपने बचपन की कुछ भावुक यादें जो मम्मी पापा के संघर्ष की कहानी है, आपसे साझा कर रही हूं। उन दिनों पैसे कमाने के लिए बहुत कठोर परिश्रम लगता था। मेरे पापा फ़ौज में थे और मम्मी ने इंटर पास किया था पर नौकरी नहीं करती थीं क्योंकि तब औरतों का नौकरी करना ज़रूरी नहीं होता था। पापा अपनी पोस्टिंग …
Read More »दादा पोता की कहानी
क्या हुआ दद्दू आज प्रात: भ्रमण के लिए नहीं गए।गोलू की मासूमियत भरे प्रश्न से दादाजी की आंखे डबडबा गई।अपने नन्हे पोते की बात सुनकर उनकी आंखो से आंसू छलक आए।अरे तू है ना पोता,मेरा छड़ी। कहकर गले से लगा लिया। अरे! ये क्या आपकी छड़ी तो टूट गई है दद्दू। कोई नहीं मैं बाबूजी से कहूंगा वो नई छड़ी …
Read More »बिन मांगी सलाह नहीं दूँगा
unsolicited advice
Read More »इंसानियत अभी तक जिंदा है
एक सज्जन रेलवे स्टेशन पर बैठे गाड़ी की प्रतीक्षा कर रहे थे तभी जूते पॉलिश करने वाला एक लड़का आकर बोला~ ‘‘साहब! बूट पॉलिश कर दूँ ?’’ उसकी दयनीय सूरत देखकर उन्होंने अपने जूते आगे बढ़ा दिये, बोले- ‘‘लो, पर ठीक से चमकाना।’’ लड़के ने काम तो शुरू किया परंतु अन्य पॉलिशवालों की तरह उसमें स्फूर्ति नहीं थी। वे बोले~ …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…